प्रदेश में विभागीय TET की मांग, टीचर्स एसोसिएशन ने डीपीआई में की मुलाकातl; हजारों शिक्षकों पर संकट

बिगुल
छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) आयोजित करने की मांग तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) रायपुर में अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। रायपुर में बीती देर शाम ज्ञापन दिया गया।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई।एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और डीपीआई संचालक को पत्र लिखकर कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग विभागीय सीमित टेट परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि न्यायालय में पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी पास करने के लिए निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने का खतरा बन सकता है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन के कबीरधाम जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर और शैक्षणिक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए विभागीय सीमित टेट परीक्षा आयोजित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पहले भी क्रमोन्नति के मामलों में हजारों शिक्षक निराश हो चुके हैं, इसलिए इस बार टेट के मामले में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए।डॉ. चन्द्रवंशी ने बताया कि प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को मिलाकर कबीरधाम जिले में करीब 3750 शिक्षकों को टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को घबराने की जरूरत नहीं है, एसोसिएशन उनकी सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
एसोसिएशन ने दिए ये सुझाव
टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को टेट परीक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—-
शिक्षकों के लिए अलग विभागीय सीमित टेट परीक्षा आयोजित की जाए।
परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक और सेवा अनुभव आधारित रखा जाए।
न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए ताकि अनुभवी शिक्षक अपात्र न हों।
आयु सीमा में छूट और सेवा अनुभव को वेटेज दिया जाए।
परीक्षा को पदोन्नति और सेवा नियमितीकरण से जोड़ा जाए।
परीक्षा प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो तथा विभागीय स्तर पर ही आयोजित की जाए।
प्राथमिक और मिडिल दोनों स्तर के लिए अलग टेट परीक्षा आयोजित की जाए।



