बालोद में ‘नीर चेतना अभियान’ का भव्य शुभारंभ, कलेक्टर ने श्रमदान कर की शुरुआत

बिगुल
बालोद जिले में गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संरक्षण के लिए ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत ‘नीर चेतना अभियान’ की शुरुआत हुई। शुक्रवार को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भाठागांव (आर) में कलेक्टर ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया।
जिले में गिरते भू-जल स्तर को सुधारने और वर्षा जल सहेजने के लिए बड़ी पहल हुई है। जिला प्रशासन ने ‘जल संचय, जन भागीदारी’ के तहत यह अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को गुण्डरदेही विकासखंड के भाठागांव (आर) में ‘नीर चेतना अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया गया।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस दौरान ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ट्रेंच निर्माण की शुरुआत की। अभियान के पहले चरण में भाठागांव (आर) के पास नाले के समांतर 5,000 वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन 5,000 ट्रेंच से भविष्य में लगभग 27 लाख लीटर वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर जाएगा।
पूरे गुण्डरदेही विकासखंड में कुल 20,000 ट्रेंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब 1 करोड़ 35 लाख लीटर जल संरक्षण की संभावना जताई जा रही है। यह पहल जिले के जल संसाधनों को मजबूत करेगी। इसका उद्देश्य भू-जल स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।
भू-जल स्तर सुधारने का लक्ष्य
गुण्डरदेही विकासखंड वर्तमान में भू-जल की दृष्टि से ‘सेमी-क्रिटिकल जोन’ में आता है। कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीणों को जल के बिना भविष्य की कल्पना असंभव बताई। उन्होंने कहा कि गिरते जल स्तर को देखते हुए आज सजग होना आवश्यक है। ट्रेंच निर्माण तकनीक से पानी जमीन के अंदर जाएगा। इससे मिट्टी का कटाव भी रुकेगा और क्षेत्र में हरियाली भी बढ़ेगी।
जनभागीदारी और सहयोग
इस कार्यक्रम को एक जन आंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक जनभागीदारी देखी गई। जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील चंद्रवंशी और बिहान समूह की दीदियां इसमें शामिल हुईं। सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कलेक्टर ने अपील की कि जल संरक्षण की इस मुहिम को जिले की हर ग्राम पंचायत में प्राथमिकता दी जाए। इस अभियान में जिला पंचायत सदस्य कान्ती सोनेश्वरी और जनपद अध्यक्ष पुरुषोत्तम चन्द्राकर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।



