ब्रेकिंग : चार आबकारी अधिकारी सस्पेण्ड, छत्तीसगढ़ में शराब की ओवर रेटिंग वाले मामले में 8 ऑफिसर्स को नोटिस

बिगुल
छत्तीसगढ़ में MRP से अधिक दाम पर शराब बेचने के मामले में कार्रवाई करते हुए 4 आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है. आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने आदेश जारी किया है. जिन जिलों में कार्रवाई की गई उनमें रायपुर, धमतरी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और बालौदाबाजार भाटापारा शामिल हैं.
इन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई
पंडरी आबकारी उप निरीक्षक कौशल कुमार सोनी, आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर, सिगमा प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक मनराखन नेताम और कुरुद आबकारी उप निरीक्षक पुरुषोत्तम सिन्हा पर निलंबन की गाज गिरी है. इन सभी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.
इसके साथ ही धमतरी जिला आबकारी अधिकारी निरुपमा लोन्हारे, बालौदाबाजार भाटापारा जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल, बालौदाबाजार भाटापारा सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश सिंह, खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिला आबकारी अधिकारी अजय सिंह धुर्वे, रायपुर जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार शर्मा, रायपुर सहायक जिला आबकारी अधिकारी जेबा खान, खैरागढ़ छुईखदान गंडई सहायक जिला आबकारी अधिकारी चंद्रप्रताप सिंह और रायपुर सहायक जिला आबकारी अधिकारी अल्ताफ खान को विदेशी शराब मामले में अनियमितता बरतने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है.
प्रदेश में शराब के राजस्व पर राजनीति गर्म
आबकारी आंकड़ों की बात करें तो राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शराब के कारोबार से 10,715 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है. शराब की बिक्री से हुई आय ने सरकारी खजाने में वृद्धि करने का काम किया है. इस पर राजनीति छिड़ी हुई है. जहां सरकार इसे राज्य के लिए अहम बता रही है. वहीं, कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार शराब के पैसों पर निर्भर है तो ये राज्य के लिए चिंताजनक विषय है.



