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सरगुजा में 50 छात्राओं के पैदल मार्च पर सीएम साय सख्त, एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य हटाए गए

बिगुल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 8 सितंबर 2026 को सरगुजा जिले के शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की 50 छात्राओं के पैदल कलेक्टोरेट जाने की घटना को गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में लंबे समय से समस्याएं बने रहने और छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए पैदल निकलने की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस तथा साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीएम के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामले में कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने विद्यालय के प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटाकर कार्यालय सहायक आयुक्त में अटैच कर दिया है। साथ ही, कार्य में लापरवाही बरतने पर छात्रावास अधीक्षिका आयुषी सोनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

छात्राओं ने शिवपुर विद्यालय से अंबिकापुर के लिए पैदल यात्रा शुरू की थी। सूचना मिलने पर जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं जिलाधिकारी अजीत वसंत से मिलने की जिद पर अड़ी रहीं। इसके बाद अधिकारियों ने लमगांव से छात्राओं को बस में बैठाकर अंबिकापुर भेजा। छात्राओं ने जिलाधिकारी को अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि विद्यालय व छात्रावास में तीन महीने से बिजली नहीं है, गणित व रसायन विज्ञान के शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ाते तथा भोजन कक्ष में सफाई की स्थिति खराब है। प्राचार्य से बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

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