कफ सिरप तस्करी मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल की सजा

बिगुल
रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप की तस्करी के मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास और 2-2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में चौथा आरोपी अब भी फरार है।
रायपुर विशेष एनडीपीएस अदालत ने प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की अदालत ने तीनों दोषियों पर दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने की स्थिति में दोषियों को दो-दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
विशेष एनडीपीएस अदालत ने जिन तीन अभियुक्तों को इस मामले में दोषी ठहराकर सजा सुनाई है, उनमें 24 वर्षीय युवराज सिंह चौहान, 29 वर्षीय वाजिद खान और 30 वर्षीय निहाल सिंह शामिल हैं। पुलिस ने जांच के दौरान अदालत के समक्ष वैज्ञानिक और तकनीकी प्रमाण पेश किए थे, जिनके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।
ई-रिक्शा से जब्त हुआ था नशीला सिरप
विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार यह मामला 15-16 अक्तूबर 2025 की रात का है। आमानाका पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि टाटीबंध स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के गेट नंबर चार के पास एक ई-रिक्शा में सवार दो युवक प्रतिबंधित कफ सिरप बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस ने ई-रिक्शा में मौजूद युवराज सिंह चौहान और वाजिद खान को हिरासत में लिया।



