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बैंक घोटाला : सीए नीरज जैन को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज, दो कंपनियों ने जमा कराए 65 लाख

बिगुल
रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले में पुलिस ने गुरुवार और शुक्रवार को दो कंपनी से 65 लाख रुपये वापस करवाए. स्नेहा फिनवेस्ट प्रालि. ने 15 लाख रुपये जमा किए. वहीं सुनंदा विनिमय प्रालि. ने 17 और 18 तारीख के बीच कुल 50 लाख रुपये जमा किए हैं. लगातार कंपनी के संचालक पैसे जमा कर रहे

दरअसल, पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी की थी. इन लोगों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने इस गवन के पैसों से कई कंपनियों के शेयर खरीदे थे. पुलिस ने दोबारा फाइल खोली और उन कंपनियों को तलब किया. इसमें बैंक से पैसे जमा किए गए हैं तो कारोबारी और कंपनी तुरंत पैसे लौटाने राजी हो गए.

अब तक एक करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपये जमा किए जा चुके हैं. पुलिस ने कुछ दिन पहले 28 लाख फिर 50 लाख रुपये जमा करवाए थे. उद्योगपतियों को यह पैसे आरोपितों ने बैंक से घोटाला कर दिए थे.

बरामद पैसे बैंक के पीड़ितों को लौटाए जाएंगे

525 खाताधारकों को पैसा वापस नहीं मिल पाया है. इनके 15 करोड़ बैंक में डूबे हैं. घोटाले के पैसों को आरोपियों ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के 42 उद्योगपतियों की 35 से ज्यादा कंपनियों में शेयर खरीदकर निवेश किया है.

घोटाले का भंडाफोड़ होने पर आरोपियों ने शेयर बेच दिए. पुलिस ने उन सभी कंपनियों की कि जानकारी निकाल ली है. कंपनी के मालिक और डायरेक्टरों को नोटिस जारी किया गया है. एक-एक कर सब पैसे लौटा रहे हैं.

सीए नीरज जैन की याचिका खारिज

बैंक घोटाले में फंसे जगदलपुर के सीए नीरज जैन को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. याचिका खारिज कर दी गई है. पुलिस की जांच पर रोक लगाने याचिका बिलासपुर हाइकोर्ट में लगाई गई थी लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दिया. बताया जाता है कि जांच की आंच ​नीरज जैन के रायपुर स्थित रिश्तेदारों तक भी पहुंच सकती है.

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