ब्रेकिंग : कांग्रेस प्रवक्ता विकास बजाज ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की फीस बढ़ोतरी को अन्याय बताया, 100 प्रतिशत तक की शुल्क वृद्धि का किया विरोध, फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग

बिगुल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और कांग्रेस नेता विकास बजाज ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा फीस में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि का विरोध करते हुए इसे बेरोजगार युवाओं के साथ घोर अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने भी फीस बढ़ोतरी करते हुए युवाओं के साथ अन्याय किया है। यह सरासर जबरिया वसूली है और सरकार को इसे संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क को 460 से बढ़ाकर 800 रूपये कर दिया है। नए प्रावधान के तहत नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 460 रुपए देने पड़ते थे।
कांग्रेस नेता विकास बजाज ने आगे कहा कि बोर्ड परीक्षा के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां आवेदन शुल्क 80 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा और भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। देखिए सूची

श्री बजाज ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार की नीतियों से वैसे भी महंगाई की मार पड़ी है, उपर से प्रदेश की भाजपा सरकार ने सरकारी विभागों को मुनाफाखोर बना दिया है। कुछ माह पहले ही बिजली बिल में बढ़ोतरी की गई, जीएसटी मार व्यापारियों में पहले से पड़ रही है और अब माध्यमिक शिक्षा मंडल ने फीस में वृद्धि कर बेरोजगार युवाओं और उनके माता—पिता की जेब काटने का कार्य किया है। समिति ने करीब 22 मदों के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, एक विषय या दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा), स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क समेत अन्य मद शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य जनता को अधिक से अधिक सुविधाएं देना होता था। सरकारी विभाग सेवा के लिए बने होते थे लेकिन भाजपा सरकार ने सरकारी विभागों को सरकारी लूट में बदलकर रख दिया है। जमीन के रजिस्ट्री शुल्क में जिस तरह पॉलिसी लागू की गई, उससे जमीन के दाम दो से तीन गुना बढ़ गए हैं। सरकार का दावा है कि फैसला वापस ले लिया गया है लेकिन जमीन के दाम तो एक बार बढ़े तो कम नही हुए हैं। इसकी सीधी मार आम जनता पर पढ़ रही है।
श्री बजाज ने साय सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने फीस में 200 प्रतिशत तक की जो वृद्धि की है, उसे वापस लिया जाए।



