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ब्रेकिंग : डीएसपी विशाल सोन पर गंभीर आरोप, सिंप्लेक्स कास्टिंग्स की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने लगाया धोखाधड़ी और षडयंत्र का गंभीर आरोप, शिकायत दर्ज नही हुई तो अखबार में देना पड़ा विज्ञापन, जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ का प्रमुख उद्योग घराना सिंप्लेक्स कास्टिंग्स की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने आरोप लगाया है कि पुलिस विभाग में कार्यरत एक डीएसपी स्तर का अधिकारी उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है तथा उनकी प्रॉपर्टी पर बुरी नजर रखे हुए है। सुश्री शाह ने आगे कहा कि जब वह शिकायत करते—करते थक गईं और कहीं भी एफआईआर दर्ज नही हुई तो उन्हें आम सूचना जारी कर अपनी शिकायत करनी पड़ रही है।

सिंप्लेक्स की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने अखबारों में आम सूचना जारी करते हुए पुलिस विभाग में कार्यरत डीएसपी स्तर का अधिकारी फिलहाल विशाल सोन दंतेवाड़ा में पदस्थ है तथा कई महीनों से उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है साथ ही वह कंपनी की चल अचल संपत्ति को ह़ड़पना चाहता है। सुश्री शाह ने आगे कहा कि विशाल सोन 2013—14 में दुर्ग में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे उसी दौरान मेरी उनसे पहचान हुई। दोस्ती आगे बढ़ी तो विशाल सोन ने उन्हें राजनीतिक व्यक्त्यिों से संपर्क होने का झांसा देकर टिकट दिलाने का आश्वास दिलाया। इस दौरान उन्होंने मुझसे काफी रूपये ​ले लिए। जब चुनाव हुए तो विशाल सोन ने छुटटी लेकर मेरा चुनाव अभियान में मेरा साथ दिया। इस बीच उसका कंपनी में आना जाना बढ़ गया तथा उससे जुड़े विवादों को निबटाने का झांसा भी दिया। इसी बची विशाल सोन ने मेरी कंपनी के सभी कागजात ले लिए।

सिंप्लेक्स की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने आगे आरोप लगाया कि षडयंत्र करते हुए डीएसपी विशाल सोन ने मेरे उद्योग, जमीन इत्यादि को विवादों में डाल दिया और उसका कोई हल नही निकाला। जब मुझे अहसास हुआ कि मेरे साथ साजिश हुई है, छल हुआ है तब मैंने अपनी शिकायत करने का फैसला किया। विगत फरवरी 2026 को मैने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर शिकायत किया तो एफआईआर दर्ज नही की गई। उलटा यह शिकायत विशाल सोन को पता चल गई तो वह मुझे धमकाने लगा। अभी भी वह धमकी दे रहा है कि यदि शिकायत हुई तो उसका कुछ नही बिगड़ेगा मगर वह मुझे अपने परिवार से अलग कर देगा इसलिए जैसा मैं कह रहा हूं, वैसा करो। वह बार—बार मुझे राजनीतिक अप्रोच की धमकी देता है।

सिंप्लेक्स की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह ने आगे कहा कि थक—हारकर मुझे यह शिकायत विज्ञापन के रूप में अखबारों में प्रकाशित करना पड़ रहा है। फिलहाल मामला पुलिस विभाग के पास है और गृह मंत्री विजय शर्मा के संज्ञान में भी लाया गया है।

जानते चलें कि कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धमकी, प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के कई प्रकरण सामने आए हैं लेकिन किसी में भी विभागीय कार्यवाही नही हुई है। जबकि पीड़ित अपनी शिकायत लेकर घूम रहे हैं। देखते हैं इस मामले में सरकार क्या संज्ञान लेती है।

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