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ब्रेकिंग : निलंबित सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय भूपेश बघेल की शरण में, कार्यवाही को गलत बताया, दंतेवाड़ा में पोस्टेड थे तब भी विवादों में बने रहे

रायपुर. बीजेपी कार्यकर्ता से बदसलूकी करने के मामले को लेकर सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय को निलंबित कर दिया गया है। उसके बाद उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल से मुलाक़ात कर कार्रवाई को गलत बताया। किसी सरकारी अधिकारी द्वारा निलंबन की कार्यवाही पर सीधे विपक्ष के साथ खुलेआम हो जाना यह भी सरकार को चुनौती जैसा माना जा रहा है।

आज वायरल हुए एक वीडियो से पता चलता है कि निलंबित सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय ने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन से विधायक भूपेश बघेल से आज उनके निवास पर मुलाकात की तथा कार्यवाही को गलत बताते हुए उनका समर्थन मांगा। वही बघेल ने भी उनका साथ देते हुए लड़ाई जारी रखने का सुझाव दिया।

जानते चलें कि बीते दिनों जनपद सीईओ रूपेश कुमार पांडेय का एक वीडियो वायरल हुआ. वायरल वीडियो में जनपद पंचायत सीईओ ग्रामीण से बहस के दौरान कह रहे हैं कि जो करना है कर लो मुझे किसी बात की चिंता नहीं. जनपद पंचायत सीईओ के इस गैर जिम्मेदारा व्यवहार को देखते हुए उन्हे शासन ने सस्पेंड कर दिया है.

रूपेश कुमार पांडे करीब बीस बरस पहले दंतेवाड़ा जिला पंचायत में एपीओ थे। तब अभय मिश्रा जिला पंचायत सीईओ थे। वहां भी वे गाली गलौच करने को लेकर कुख्यात थे। उस समय एक मामला जिला पंचायत में किसी एनजीओ को काम देने-लेने को लेकर उठा था। तब जिला पंचायत अध्यक्ष सीपीआई नेता अराधना मरकाम थीं। जिला पंचायत सीईओ के साथ उनके संबंध इस क़दर ख़राब हुए कि एक दिन ख़बर बाहर आई कि अध्यक्ष ने चप्पल फेंककर मार दिया। तब ख़बर रुकवाने के लिए मीडिया मैनेजमेंट के लिए उसी एनजीओ को ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। तब पर्दे के पीछे रूपेश पांडे सक्रिय थे।

बड़ी बात यह नहीं है कि रूपेश पांडे जैसे अधिकारियों को साहस सिस्टम ही देता है… शिकायत के बाद निलंबन और बहाली के बाद मलाईदार पोस्टिंग यह क्रम चलता ही रहता है… इन्हें पता है कि कौन कितने में बिक जाएगा? बाकि आप खुद को कॉकरोच समझ लीजिए.

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