धर्मांतरण को लेकर बवाल, चंगाई सभा पर आरोप-प्रत्यारोप, पुलिस जांच में जुटी

बिगुल
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में कथित धर्मांतरण के मामले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लालमाटी गांव में आयोजित एक चंगाई सभा के दौरान धर्मांतरण के आरोपों को लेकर तनाव की स्थिति बन गई और मामला मारपीट व शिकायत तक पहुंच गया। घटना कवर्धा के अंतर्गत दर्ज की गई है। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के अनुसार, चंगाई सभा में लोगों को बीमारी ठीक करने और प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। आरोप है कि कुछ लोगों को यह कहा गया कि यदि वे ईसाई धर्म अपनाएंगे तो उनकी बीमारी ठीक हो जाएगी, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही कुछ लोगों को धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
दूसरी ओर, इस मामले में विरोध करने वाले पक्ष पर भी मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ लोगों और सभा में मौजूद व्यक्तियों के बीच विवाद बढ़ गया, जो बाद में झड़प में बदल गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस पूरे मामले में एक बैगा आदिवासी महिला ने तरेगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसके बेटे की तबीयत लंबे समय से खराब थी और इसी दौरान दो व्यक्ति उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने ईसा मसीह पर आस्था रखने पर सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उनके परिवार को यह कहकर डराया गया कि यदि वे ईसाई धर्म नहीं अपनाते तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बी.एड. एवं बी.एससी. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 11 जून को यहां तक कि जेल भेजने की धमकी भी दी गई। बाद में परिवार के कथित रूप से ईसाई समुदाय से जुड़ने के बावजूद बेटे की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने वापस अपने मूल धर्म और परंपराओं की ओर लौटने की इच्छा जताई तो उन्हें धमकाया गया और डराने का प्रयास किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया और पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अवैध तरीके से धर्मांतरण की गतिविधियां की जा रही हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।



