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अतिथि‍ शिक्षकों की हड़ताल, आठवें दिन भीख मांग कर किया अनोखा प्रदर्शन, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

बिगुल
दुर्ग में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह क्षेत्र में राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं. आंदोलन के आठवें दिन शिक्षकों ने भीख मांगकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की.

इससे पहले वे एक पैर पर खड़े होकर प्रदर्शन कर चुके हैं और सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन भी कर चुके हैं. हर दिन अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए शिक्षक सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.

1 जुलाई से हड़ताल पर है हजारों शिक्षक
राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 1 जुलाई से प्रदेशभर में हजारों अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं. दुर्ग में बड़ी संख्या में शिक्षक धरना-प्रदर्शन कर समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा और संविलियन की मांग उठा रहे हैं.

10 सालों से प्रदेश के दूरस्‍थ अंचलों में दे रहे सेवा
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के शासकीय स्कूलों में नियमित शिक्षकों की तरह विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें केवल 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीने के लिए. गर्मी की छुट्टियों का वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिलतीं.

शिक्षकों का आरोप है कि हर नए शैक्षणिक सत्र में दोबारा नियुक्ति का इंतजार करना पड़ता है, जिससे नौकरी हमेशा असुरक्षित बनी रहती है. उनका कहना है कि जब कार्य नियमित शिक्षकों के समान है तो वेतन और सुविधाओं में इतना बड़ा अंतर क्यों रखा गया है.

आंदोलन उग्र होने की दी चेतावनी
विद्यामितानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

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