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छत्तीसगढ़ मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई विभागों में बदले गए अधिकारी और कर्मचारी

बिगुल
छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव करते हुए सचिवालय सेवा के 24 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले एवं नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के तहत सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO), वरिष्ठ सचिवालय सहायक और कनिष्ठ सचिवालय सहायकों को विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल को मंत्रालय के कामकाज को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कई प्रमुख विभागों में बदले गए अधिकारी
जारी आदेश के अनुसार ऊर्जा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। मंत्रालय में लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर सचिवालय कर्मचारियों का पुनर्विन्यास देखने को मिला है।

सहायक अनुभाग अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक आदेश के तहत मनीषा पंडा को ऊर्जा विभाग में पदस्थ किया गया है। राशदा बानो जुनजानी को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं राजेश कुमार गुप्ता को सामान्य प्रशासन विभाग की लेखा शाखा में नियुक्त किया गया है।

इसी प्रकार प्रतिभा पंचभावे को उच्च शिक्षा विभाग, जिया खान लोहानी को चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा मोहम्मद शाहिर अंसारी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।

उद्योग, विज्ञान और लोक निर्माण विभाग में भी बदलाव
सरकार ने कुंती रघुवंशी को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में पदस्थ किया है, जबकि वीणा विजय चाटे को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भेजा गया है। रत्ना यादव को भी वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में नई जिम्मेदारी मिली है। वहीं सुबास प्रसाद गुप्ता को लोक निर्माण विभाग में पदस्थ किया गया है। त्रिभुवन निषाद की भी विभागीय जिम्मेदारी में बदलाव करते हुए उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के एक कक्ष से दूसरे कक्ष में स्थानांतरित किया गया है।

वरिष्ठ सचिवालय सहायकों की जिम्मेदारियों में बदलाव
वरिष्ठ सचिवालय सहायकों के स्तर पर भी व्यापक फेरबदल किया गया है। ललित कुमार देवांगन को वित्त विभाग में नई जिम्मेदारी मिली है। सोहन लाल साहू को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में भेजा गया है, जबकि रजनीकांत सहारे को महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ किया गया है। आकाश खोब्रागढ़े को भी राजस्व विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कनिष्ठ सहायकों की नई पदस्थापना
कनिष्ठ सचिवालय सहायकों में उमेश कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग में, प्रमोद कुमार को लोक निर्माण विभाग में तथा खूबलाल सिन्हा को नगरीय प्रशासन विभाग में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा, वन, खाद्य एवं धार्मिक न्यास विभागों में भी कई कर्मचारियों की नई तैनाती की गई है।

महिला कर्मचारियों में छाया देवांगन को स्कूल शिक्षा विभाग से वन विभाग भेजा गया है। प्रतिक्षा खलखो को खाद्य विभाग, प्रियंका खैरवार को सामान्य प्रशासन विभाग के कक्ष-6 तथा तनुजा घरेन्द्र को कक्ष-8 में पदस्थ किया गया है। वहीं प्रशांत खैरवार, चन्द्रकला अजगले और हरदेश जांगड़े को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

गायत्री के तबादले पर सरकार ने बदला फैसला
इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे चर्चित निर्णय सहायक अनुभाग अधिकारी गायत्री से जुड़ा रहा। सरकार ने उनके संबंध में 15 मई को जारी स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया है। पूर्व आदेश के तहत उन्हें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग भेजा गया था, लेकिन अब उन्हें यथावत वन विभाग में ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया है।

तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभाग को पालन प्रतिवेदन भेजना भी अनिवार्य किया गया है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से मंत्रालय के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलेगी और समन्वय बेहतर होगा।
गुरु समान दाता नहीं, याचक शीष समान।
तीन लोक की सम्पदा, सो गुरु दीन्ही दान॥

शिक्षक एक मूर्तिकार है जो मिटटी के लौंदे को आकार देता है, उसे कीमती बनाता है. शिक्षक केवल पाठयक्रम नही पढ़ाते बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं.

“ज्ञान केवल डिग्री से नहीं मिलता। बुद्ध ने अनुभव ध्यान और तर्क से ज्ञान प्राप्त किया और पूरी दुनिया मानवता को करुणा, अहिंसा और विवेक का मार्ग दिखाया।”
कबीर, सूरदास, कालीदास, तुलसीदास तो बारहवीं भी नही पढ़े थे, फिर भी दुनिया को उन्होंने विपुल समृद्धि वाला साहित्य दिया.

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