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अब ड्रायवरों ने शुरू किया स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन, कुछ गिरफतारियां हुईं, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए ड्राइवर, प्रदेशभर में फिर पड़ेगा असर

छग ड्राइवर महासंगठन ने सभी ड्राइवर साथियों से कहा है कि आप अपनी गाड़ी अपने मालिक के घर या ऑफिस पर खड़ी करके आप सुरक्षित अपने घर आ जाएं, क्योकि सरकार की तरफ से यह काला कानून वापस नहीं लिया गया है और ना हमें लिखित में दिया गया है.

आगे कहा गया है कि जब तक हमें लिखित में नहीं देंगे तब तक स्टेरिंग छोड़ो आन्दोलन जारी रहेगा और जो भाई गाड़ी चलाते हैं और रास्ते में अगर कोई बात होती है तो उसके जिम्मेदार स्वयं होंगे. अगर कोई बात होती है तो ऑल इण्डिया ड्राइवर एसोसिएशन से कोई मतलब नहीं होगा. तब तक आप अपने घर में सुरक्षित रहें.

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अमृत मदान ने कहा कि प्रस्तावित कानून बिना किसी परामर्श और स्टेकहोल्डर की सहमति से पेश किया गया है. जिसे बिना जमीनी हकीकत जाने लागू किया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि “परिवहन उद्योग और वाहन चालक भारत की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण पहिए हैं. भारत इस वक्त वाहन चालकों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार का इस और कोई ध्यान नहीं है. ऐसे में 10 साल की सजा के प्रावधान के बाद अब ट्रक ड्राइवर नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं.”

नए परिवहन कानून में ये है ड्राइवरों के लिए प्रावधान

नए परिवहन कानून के तहत दुर्घटना होने पर यदि ट्रक चालक मौके से भाग जाता है तो उसे 10 साल की सजा व 5 लाख रुपए जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान लागू किया गया है। वाहन चालकों की मानें तो कोई वाहन चालक जानबूझ दुर्घटना नहीं करना चाहता। यदि दुर्घटना हो जाती है तो बड़े वाहन चालक का कसूर बताया जाता है। चालकों से दुर्घटना हो जाती है और वह मौके पर मौजूद रहता है तो भीड़ उसके साथ मारपीट करती है। उनके साथ हिंसक घटना का डर बना रहता है। भीड़ के रौद्र रूप से बचने के लिए मजबूरीवश चालकों को अपना गाड़ी व सामान छोडकऱ मौके से भागना पड़ता है।

भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद अब हिट एंड रन के मामलों में नियम सख्त हो गए हैं. नए नियम के तहत हिट एंड रन के केस में वाहन चालक पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है. इस प्रावधान का इंदौर में ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने विरोध किया है.

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