रायगढ़ में बारिश से मतदान प्रभावित, ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार, मनाने में जुटे अफसर

बिगुल
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने कुछ जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते आज रायगढ़ में अचानक मौसम बदला और बारिश हो गई। हालांकि बारिश ज्यादा देर तक नहीं हुई। बारिश के बाद से तापमान में गिरावट हुई है, वहीं धूप का असर भी कम हो गया है। इससे मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को भी काफी राहत मिली है।
बता दें कि जब रायगढ़ में बारिश हुई तो उस समय मतदाता अपनी बारी के इंतजार में कतार में लगे हुए थे। जब बारिश शुरू हुई तो मतदाता बारिश से बचने के लिए मतदान केंद्र और अन्य आसपास छिनपने के लिए भागे।
छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। बता दें कि बिलासपुर लोकसभा सीट से मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। इसकी सूचना निर्वाचन अधिकारी को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। जहां ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पा रही है, इसके चलते लेकर लोकसभा चुनाव का उन्होंने बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
पांच पीढ़ियों ने एक साथ किया मतदान
छत्तीसगढ़ में मतदान का उत्साह जारी है। प्रदेश के ग्राम पंचायत ओबरी के सेमली मतदान केन्द्र में आज पांच पीढ़ी ने एक साथ मतदान किया। परिवार में सबसे बुजुर्ग मतदाता लीला सिंह के साथ पहली बार मतदान कर रहे अमन सिंह और शामिल सभी पांच पीढ़ी के सदस्य मौजूद थे।
राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और सुप्रभा हरिचंदन ने सिहावा भवन सिविल लाईन्स स्थित आदर्श मतदान केंद्र 170 पर जाकर मतदान किया। राज्यपाल हरिचंदन ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अपने मत का प्रयोग कर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत बनाएं। मतदान के बाद राज्यपाल ने सेल्फी जोन में फोटो भी खिंचवाई।
राजनीतिक दलों ने किया विरोध, नींबू पानी, शर्बत बंद
छत्तीसगढ़ के रायपुर दुर्गा कॉलेज मतदान केंद्र समेत बहुत सारे सेंटर में ठंडा पानी, पीने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मतदाताओं के लिए नींबू पानी और शर्बत की व्यवस्था की गई थी, इसे अब बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था को कुछ सामाजिक संगठनों ने संभाला था। इनमें राजनीति दलों के समर्थक भी शामिल थे। इस दौरान चुनाव लड़ रही पार्टियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को रोक दिया। रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने जानकारी दी कि कुछ आपत्तियों के बाद इस व्यवस्था को रोक दिया गया है।