छत्तीसघाट

बारिश बनी आफत: बीमार को खाट पर बैठाकर उफनते नाले से कराया पार, पुल की मांग फिर उठी

बिगुल
वनांचल क्षेत्र नगरी-सिहावा में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। इसी बीच नगरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत लटियारा से लगे कछारपारा गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो इलाके में बुनियादी सुविधाओं की जमीनी स्थिति को बयां करती है।

गांव में नाले पर पुल नहीं होने के कारण एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को तेज बहाव के बीच जोखिम उठाना पड़ा। ग्रामीणों ने बीमार व्यक्ति को खाट पर बैठाया और कंधों पर उठाकर उफनते नाले को पार कराया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
खाट पर मरीज, सामने उफनता नाला

बारिश के दौरान कछारपारा गांव के पास स्थित नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। पानी बढ़ने के बाद नाला पार करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी के बीमार पड़ने या आपात स्थिति आने पर ग्रामीणों के सामने मरीज को अस्पताल पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। इसी परेशानी के बीच ग्रामीणों ने बीमार व्यक्ति को खाट पर बैठाकर नाला पार कराने का फैसला किया। तेज बहाव के बावजूद कई ग्रामीणों ने मिलकर खाट को कंधों पर उठाया और सावधानी से दूसरी ओर पहुंचाया।
बारिश में गांव का संपर्क हो जाता है प्रभावित

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने के साथ ही आवागमन की समस्या गंभीर हो जाती है। गांव के लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को होती है। आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है।
सरपंच बोले- कई बार की जा चुकी है पुल की मांग

ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रूपेश कुमार के मुताबिक नाले पर पुल निर्माण के लिए शासन और प्रशासन के सामने कई बार मांग रखी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक पुल निर्माण के लिए न तो कोई आदेश जारी हुआ है और न ही राशि स्वीकृत होने की जानकारी मिली है। सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से बारिश के मौसम में गांव के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।
हर साल बारिश में वही परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश हर साल आती है और नाला भी हर वर्ष उफान पर आता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है। जलस्तर बढ़ने के बाद लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले पर जल्द से जल्द पुलिया या पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में गांव का संपर्क बाधित न हो और आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया जा सके।
बुनियादी सुविधा पर खड़े हुए सवाल

बीमार व्यक्ति को खाट पर लेकर उफनता नाला पार कराने की यह घटना केवल एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस घटना के बाद प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को इस तरह का जोखिम न उठाना पड़े।

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