अफसरनामा

आरटीई से एडमिशन पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा हर स्कूल में आरक्षित और खाली सीटों का हिसाब

बिगुल
प्रदेश में आरटीई यानी राइट टू एजुकेशन के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को 3 सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है.

प्रदेश में आरटीई यानी राइट टू एजुकेशन के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को 3 सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट ने सरकार से आरटीई के तहत राज्य के प्रत्येक स्कूल का विस्तृत डेटा मांगा है. अब 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

सीवी भगवंत राव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है, इसके अलावा 13 अन्य ने प्रदेश में आरटीई से प्रवेश को लेकर याचिकाएं लगाई हैं. मंगलवार को सभी पर सुनवाई हुई. इस दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से शपथ पत्र के साथ बताने का कहा है कि आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए वर्तमान में कौन सी एसओपी काम कर रही है? इसके अलावा राज्य सरकार को एक विस्तृत चार्ट पेश करना होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के हर स्कूल में आरटीई के तहत आरक्षित कुल सीटों की संख्या बतानी होगी. सरकार को शपथ पत्र में यह भी स्पष्ट करना होगा कि प्रत्येक स्कूल में कितने छात्रों को प्रवेश दिया गया है और वर्तमान में कितनी सीटें खाली हैं. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह शपथ पत्र और जरूरी चार्ट राज्य सरकार के किसी सक्षम अधिकारी द्वारा 3 सप्ताह के भीतर पेश किया जाए.
राज्य सरकार की तरफ से मांगा गया समय:

राज्य सरकार की तरफ से उप महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को रखने का अनुरोध किया और आश्वस्त किया कि इस तारीख तक निर्देशों का पालन कर लिया जाएगा. इस पर हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख से सात दिन पहले शपथ पत्र पेश किया जाए और इसकी एक कॉपी याचिकाकर्ताओं के वकीलों को भी सौंपी जाए.

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button