Blog

शराब घोटाला : जेल में बंद तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी ईडी, कोर्ट ने दिया पांच दिन का समय

बिगुल
रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपी अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, त्रिलोक सिंह ढिल्लन से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगी. पूछताछ के लिए कोर्ट में ईडी ने आवेदन लगाया था. कोर्ट ने 5 दिनों का समय दिया है, जिसमें 27 मई से लेकर 31 मई तक प्रवर्तन निदेशालय की टीम जेल में बंद आरोपियों से शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ करेगी.

ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और डिस्टिलर्स से लगातार पूछताछ के बाद ईडी को आबकारी घोटाले में कुछ नए तथ्य मिले हैं. इन्हीं की पुष्टि के लिए ईडी ने तीनों आरोपियों से जेल में ही पूछताछ करने का फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार कुछ तथ्यों को लेकर ईडी तीनों को जेल में आमने-सामने बिठाकर भी पूछताछ कर सकती है.

अनवर ढेबर की ज़मानत याचिका ख़ारिज

शराब घोटाले मामले में जेल में बंद आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज हो गई है। गुरुवार को रायपुर की कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ढेबर के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया गया। उन्होंने इलाज के लिए बेल मांगी थी।

2 हजार करोड़ से ज्यादा का है पूरा घोटाला

छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपए से अधिक शराब घोटाले का आरोप इन तीनों पर है. प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य में 2000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का दावा किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में साल 2019 से लेकर साल 2022 तक 2000 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है. इस पूरे मामले में राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था. कच्ची शराब सरकारी शराब दुकान में बेचने और इससे मुनाफा कमाने का आरोप अनवर ढेबर पर लगा है.

एसीबी और ईओडब्ल्यू ने शराब के कारोबार से जुड़े भिलाई के दो बड़े शराब कारोबारी पप्‍पू ढिल्लन और विजय भाटिया के घर पर छापा मारा है। ईओडब्ल्यू के दो दर्जन से अधिक अधिकारी शराब कारोबारी के घर पहुंचे और छापेमार कार्रवाई शुरू की। आज कार्रवाई के दौरान पूर्व कांग्रेस सरकार के शराब घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्षय भी मिले हैं। फिलहाल कार्रवाई जारी है। बता दें कि पिछले दो साल के अंदर ईडी और आयकर विभाग ने तीन बार दोनों शराब कारोबारियों के यहां छापेमार कार्रवाई की थी।

Show More

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button