पंचायत चुनाव में भारी बवाल, EVM का बटन दबा मिला, गाड़ियों से बूथ के अंदर तक वोटर लाए गए

बिगुल
बालोद जिले के नवनिर्मित पलारी नगर पंचायत के पहले ऐतिहासिक चुनाव में आज उस समय भारी बवाल खड़ा हो गया, जब बूथ क्रमांक 12 पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मतदान केंद्र पर नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती देख संजारी-बालोद की कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने खुद मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को फोन लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद अकेले ही विधायक तमाम विपक्षी नेताओं पर भारी पड़ती नजर आईं और पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करवाया।
100 मीटर के दायरे का उल्लंघन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मतदान केंद्र के भीतर चुनाव नियमों को ताक पर रखकर गाड़ियां धड़ल्ले से प्रवेश कर रही थीं। गाड़ियों में भर-भरकर मतदाताओं को सीधे बूथ के अंदर तक पहुंचाया जा रहा था। जब विधायक संगीता सिन्हा ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई और वाहनों को बाहर करने को कहा, तो भाजपा नेता उग्र हो गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उल्टा विधायक को ही मतदान केंद्र से बाहर निकालने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को ‘प्रोटोकॉल’ का पाठ पढ़ाया। विवाद बढ़ता देख काफी देर बाद अपर कलेक्टर, एसडीएम और डीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रशासन के शह पर चल रही थी धांधली, ईवीएम का बटन भी था दबा
निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हम जब बूथ क्रमांक दो के भीतर गए, तो वहां ईवीएम का एक बटन पहले से ही दबा हुआ यानी चिपका हुआ मिला। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाने में लगा है। अधिकारी भारी दबाव में काम कर रहे हैं, जिसकी तस्वीरें और प्रमाण सबके सामने हैं।
पहली बार हो रहा है नगर पंचायत चुनाव
पलारी को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद यह पहला मौका है जब यहां 15 वार्ड पार्षदों सहित एक अध्यक्ष पद के लिए मतदान हो रहा है। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।
कुल मतदाता: 3,766
महिला वोटर: 1,912 (पुरुषों से अधिक उत्साह)
पुरुष वोटर: 1,854



