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डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मुहर, नक्सलियों के ‘युद्ध विराम’ वाले पत्र को बताया सही, नक्सलियों ने मानी हार

बिगुल
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार नक्सलियों की ओर से युध्द विराम वाला पत्र सामने आया था. इस खबर को प्रमुखता से दिखाता था. वहीं अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने खबर पर मुहर लगाई है, और नक्सलियों की तरफ से आए लेटर को सही बताया है.

नक्सलियों के ‘युद्ध विराम’ वाले पत्र सही – विजय शर्मा
दरअसल, 16 सितंबर को नक्सलियों के ‘युद्ध विराम’ वाला पत्र वायरल हुआ था. इसके बाद 24 घंटे में ही दूसरा पत्र भी सामने आया था. इस वायरल पत्र में नक्सलियों ने बस्तर की जनता से अपनी गलती के लिए माफी मांगी थी. नक्सलियों ने बस्तर की जनता से अपनी गलती के लिए माफी मांगते हुए लिखा था कि जवानों का ऑपरेशन नहीं रुका तो नक्सल संगठन का अस्तित्व मिट जाएगा.इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था. इसके बाद आज डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने नक्सलियों के दोनों पत्रों को सही बताया है.

नक्सली आम लोगों को मारना छोड़ें, तो आगे बात संभव
विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों से वार्ता को लेकर कहा कि नक्सली आम लोगों को मारना छोड़ें तो आगे बात संभव होगी. वे अपने लगाए हुए IED को निकाल ले या पास से किसी कैंप में सूचना दे दे हम उसे हटवा लेंगे. जनता, जानवर और जवानों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, क्योंकि पत्र जारी होने के बाद भी नक्सलियों ने अभियान किए हैं. अगर इन बातों पर ध्यान दिया जाता है तो ही आगे कुछ बात करना संभव है.

नक्सलियों ने मानी हार
नक्सलियो का जो लेटर सामने आया था वो अगस्त महीने का था. दावा किया जा रहा था कि इसे नक्सलियों के सबसे बड़े लीडरों में से एक सोनू ने लिखा है. सोनू नक्सल संगठन के सबसे बड़े पद पोलित ब्यूरो का सदस्य है. 6 पन्ने का यह लेटर अब तक का सबसे अहम लेटर माना जा रहा है क्योंकि इस लेटर में नक्सलियों ने खुलकर अपनी हार मानी थी और अपनी गलतियों को स्वीकार किया था.

नक्सली शांति वार्ता के लिए तैयार
छत्तीसगढ़ से नक्सल इतिहास में पहली बार नक्सलियों का एक लेटर सामने आया था, जिसके मुताबिक नक्सली हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गए हैं. नक्सलियों की ओर से जारी पत्र में शांति वार्ता की बात कही गई थी. साथ ही साथ हथियार छोड़कर भविष्य में देश की राजनैतिक पार्टियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की बात भी कही थी.

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