पेट्रोल पंप पर डीजल को लेकर विवाद, मैनेजर और ग्राहक के बीच हुई मारपीट; CCTV आया सामने

बिगुल
कोरबा में दीपका स्थित गोपीचंद पेट्रोल पंप पर आधी रात को डीजल को लेकर बड़ा विवाद हो गया। डिब्बे में जबरन डीजल भरवाने और उसे वापस लौटाने की बात पर प्रबंधक और एक-दूसरे ग्राहक के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया है।
पंप के प्रबंधक केसर खान ने पुलिस को बताया कि रात 11 बजे वह घर चले गए थे। रात 12:50 बजे पंप कर्मियों रामकुमार और कृति कुमार ने उन्हें फोन किया। उन्होंने बताया कि शिवम शर्मा जबरन जेरीकेन लेकर आया था। शिवम ने गाली-गलौज की और केसर खान से बात होने की बात कहकर छह हजार रुपये का डीजल ले लिया। सूचना मिलने पर केसर खान पंप पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को डिब्बे में तेल न देने की बात समझाई। केसर ने शिवम को फोन कर डीजल वापस लाने को कहा। आरोप है कि शिवम फोन पर गाली देने लगा।
प्रबंधक का आरोप
केसर खान ने आरोप लगाया कि थोड़ी देर बाद शिवम पंप पर आकर हाथ-मुक्के से मारपीट करने लगा। कड़े से मारने के कारण केसर के गले के पीछे, दोनों कनपटी और बाएं हाथ में चोटें आईं। मारपीट के दौरान उनकी गले की सोने की चेन टूटकर गिर गई। मौके पर पहुंचे लेखापाल सत्यम से भी गाली-गलौज की गई। उन्हें देख लेने की धमकी भी दी जा रही थी। केसर की शिकायत पर शिवम शर्मा और संजू शर्मा के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
ग्राहक का पक्ष
दूसरी ओर, दीपका कॉलोनी निवासी शिवम शर्मा (30 वर्ष) ने भी अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह अपनी गाड़ी के लिए डिब्बे में डीजल लेने पंप गया था। शिवम के अनुसार, उसने 8000 रुपये का डीजल मांगा था। आरोप है कि पर्यवेक्षक केसर खान और लेखापाल सत्यम ने उससे मारपीट की। शिवम ने बताया कि गला पकड़कर मारने से उसकी सोने की चेन टूट गई। शिवम की रिपोर्ट पर केसर खान और सत्यम के खिलाफ बीएनएस की धारा में अपराध दर्ज किया गया है।
दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। केसर ने बताया कि शासन के आदेशानुसार डिब्बे में पेट्रोल-डीजल देना प्रतिबंधित है। शिवम ने कर्मचारियों पर दबाव डालकर डीजल लिया और विरोध करने पर मारपीट की। सीसीटीवी फुटेज में भी यह घटना कैद हुई है।



