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Congress : ओपी चौधरी रमन राज के प्रशासनिक आतंकवाद और भ्रष्टाचार में सहभागी थे, अब अपने ही पाप उन्हें याद आ रहे हैं : सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता कांग्रेस

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रायपुर. कानून व्यवस्था और लूट को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अपराध और अपराधियों को संरक्षण देना भारतीय जनता पार्टी का चरित्र है। छत्तीसगढ़ की जनता भुली नहीं है कि रमन राज के कुशासन में एक सुपर सीएम हुआ करते थे, जिनके माध्यम से तबादला उद्योग चलता था।

उन्होंने कहा कि गृह विभाग का पूरा रैकेट एक दागी आईपीएस के हवाले था। दिन दहाड़े बड़ी-बड़ी बैंक डकैतियां हुई जो आज तक पकड़ी नहीं गई। देवपुरी के शदानी दरबार के पास जिला सहकारी बैंक का कैश वैन दिन दहाड़े लूट लिया गया जिसका आज तक कोई पता ही नहीं चला। भूपेश सरकार में तो किसी भी अपराध के संदर्भ में अपराधी जर्फ से बाहर नहीं है। पूर्व में बेमेतरा नवागढ़ के पास बैंक के कैश वैन के लूट/डकैती का प्रयास हुआ था, प्रशासनिक सक्रियता के चलते तत्काल डकैत तत्काल गिरफ्तार हुए और पूरी की पूरी रकम भी बरामद हुई। कल रायगढ़ के एक्सिस बैंक वाले मामले में भी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी हुई है, पुलिस प्रशासन के तत्परता की तारीफ करने के बजाय भाजपाई दलीय चटुकारिता में आरोप लगा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि रमन राज में भाजपा नेताओं के संरक्षण में 2014 में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में बेनामी खातों के माध्यम से 548 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन के आरोप लगे। बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई, रमन राज में भाजपा नेताओं के काली कमाई को सहकारी बैंकों के जरिए सफेद करने का कुचक्र चलाया गया। प्रियदर्शिनी महिला सहकारी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी बैंक मैनेजर उमेश सिन्हा ने अपने नार्कोटेस्ट में रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल सहित पांच बड़े भाजपा नेताओं को एक-एक करोड़ नगद देने की बात स्वीकार की। रमन सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों को बसाकर आम जनता से साढ़े 6 हजार करोड़ के अधिक की लूट में छत्तीसगढ़ के भाजपाई सहभागी थे। भूपेश सरकार में अपराधियों और लुटेरों पर कार्यवाही हो रही है तो भाजपाइयों को पीड़ा हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने रमन सिंह के प्रशासनिक आतंकवाद, अत्याचार और दमनात्मक कार्यवाहियों को भी भोगा है। रमन सरकार में ही जब ओपी चौधरी रायपुर कलेक्टर थे तब खालसा स्कूल के पास 70 से अधिक दुकानों को बिना व्यवस्थापन के तोड़ दिया गया था। मौली माता मंदिर और मरही माता मंदिर तोड़े गए। नान और धान के घोटाले, अगस्ता और पनामा की कमीशनखोरी, डीकेएस घोटाला, घटिया मोबाइल, अनुपयोगी स्काईवॉक, गुणवत्ताहीन एक्सप्रेस वे, आरडीए और एनडीए की बर्बादी भी सर्वविदित है।

ओपी चौधरी रायपुर नगर निगम के कमिश्नर और रायपुर कलेक्टर भी रहे, इसी दौरान यहां डीएमएफ के पैसे का दुरुपयोग करके नियम विरुद्ध कटोरा तालाब का सौंदर्यीकरण, शहरी क्षेत्र में ऑक्सीजोन और वातानुकूलित ऑडिटोरियम में फुके गए। राजीव गांधी शिक्षा मिशन और सर्व शिक्षा अभियान की राशि विज्ञापनों पर फूक गए। भू माफियाओं के साथ मिलकर जमीन आदला बदली का खेल, रतनजोत, औषधि खेती और उद्योग लगाने के नाम पर हजारों एकड़ जमीन खा गए। रमन राज में जमीन मकान खाली करने और अवैध वसूली के लिए हर जिले में “विशेष सेल“ और क्राइम ब्रांच बनाकर वसूली गैंग संचालित करने का इतिहास भी छत्तीसगढ़ के भाजपाइयों का रहा है। रमन राज में छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग और तबादले के लिए हर विभाग के काउंटर तय हुआ करते थे, भूपेश सरकार में व्यवस्था बदली है, प्रशासनिक कसावट आई है, पारदर्शी तरीके से व्यवस्था बनी है तो भाजपाइयों को तकलीफ हो रही है।

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