Blog

अतिक्रमण से रुकी जल निकासी, लगातार बारिश से सैकड़ों एकड़ धान के खेत जलमग्न, किसानों ने मुआवजा मांगा

बिगुल
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कोनी और सेंदरी क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ धान के खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों ने प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों को इसकी वजह बताते हुए प्रशासन से मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की है।

जिले में लगातार हुई मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर अब खेती-किसानी पर दिखाई देने लगा है। शहर से लगे कोनी और सेंदरी क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। धान की रोपाई के बाद खेतों में लबालब पानी भर जाने से फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। किसान इसके लिए प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर हुए अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के निर्माण को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि जल निकासी के प्राकृतिक नालों पर अतिक्रमण कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे बारिश का पानी खेतों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसके चलते कोनी और सेंदरी के सैकड़ों एकड़ खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। धान की रोपाई के बाद लगातार भरे पानी ने फसल को पूरी तरह डुबो दिया है और खेतों में जल निकासी पूरी तरह ठप है।

किसान दिन-रात खेतों की निगरानी कर रहे हैं लेकिन पानी निकालने का कोई रास्ता नहीं है। उनका कहना है कि यदि दो-तीन दिन और यही स्थिति बनी रही तो पूरी फसल सड़ जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

जलभराव की समस्या को लेकर किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की है। उनका आरोप है कि आसपास विकसित हुई अवैध कॉलोनियों ने नालों और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण कर दिया है। इसी कारण बारिश का पानी कई दिनों से खेतों में जमा है।

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button