110 किसानों के नाम पर लिया फर्जी ऋण, 57 लाख रुपये के गबन में दो कर्मचारियों पर FIR दर्ज

बिगुल
बेमेतरा जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण वितरण से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। नवागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मुरता सेवा सहकारी समिति में करीब 57 लाख रुपये के वित्तीय गबन का मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि 110 किसानों के नाम पर कथित रूप से फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत कर राशि निकाली गई, जबकि कई किसानों को इसकी जानकारी तक नहीं थी।
समाधान शिविर में शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, मोहतरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान कुछ किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर बिना अनुमति और जानकारी के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण स्वीकृत कर राशि का आहरण कर लिया गया है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई।
जांच में सामने आया लाखों रुपये का गबन
जांच टीम ने ऋण खातों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में किसानों के नाम पर KCC ऋण स्वीकृत कर धनराशि निकाली गई। जांच रिपोर्ट में लगभग 57 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
सहायक प्रबंधक और लिपिक के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मुरता सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष ने नवागढ़ थाने में सहायक प्रबंधक राजेंद्र पांडे और लिपिक अमित साहू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया।
110 किसानों के नाम का कथित दुरुपयोग
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 110 किसानों के नाम का उपयोग कर KCC ऋण प्रक्रिया पूरी की और राशि का आहरण किया। मामले में दस्तावेजों में हेरफेर और नियमों के उल्लंघन की भी आशंका जताई जा रही है।
जांच जारी, और भी कार्रवाई संभव
पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने जिले की सहकारी समितियों में वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों से जुड़े इस मामले पर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।



