MP Expo : पड़ोसी राज्य : गति, तकनीक, नवाचार का मध्यप्रदेश में संगम

डा.अनिल द्विवेदी
देश का हृदय स्थल मध्य प्रदेश अब गति, तकनीक और नवाचार का संगम बनता जा रहा है। गुजरे माह हुए ग्लोबल इंवेस्टर समिट एवं ऑटो एक्सपो 2025 से मध्यप्रदेश में केवल एक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में निवेशकों के लिए अनंत अवसरों के द्वार खुले हैं। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव जी ने कहा कि देश का हृदय स्थल मध्य प्रदेश अब गति, तकनीक और नवाचार का संगम बनता जा रहा है। गुजरे माह हुए ग्लोबल इंवेस्टर समिट 2025 से मध्यप्रदेश में केवल एक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में निवेशकों के लिए अनंत अवसरों के द्वार खुले हैं।
ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन के निर्माण और खपत में वह देश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने जिन नीतियों के साथ कदम आगे बढ़ाया है, उसने मध्य प्रदेश को आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत होने की राह आसान की है साथ ही ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन में देश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। दोनों एक्सपो की सफलता यह दर्शाती है कि दो सौ से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के साथ राज्य ऑटोमोटिव उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए सुसज्जित है। यह निर्माता आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उपकरण निर्माताओं और अन्य हितधारकों को आवश्यक भागों और घटकों की आपूर्ति करते हैं।
भारत का डेट्रॉइट” के नाम से मशहूर पीथमपुर मध्यप्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जो कई मूल उपकरण निर्माताओं और एशिया के सबसे बड़े नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स का घर है। ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों के लिए व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन, अनुसंधान एवं विकास और प्रमाणन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं देता है। मध्यप्रदेश के ऑटोमोटिव उद्योग ने उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें टिकाऊ और इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जैसे हाई-परफॉर्मेंस वाली सुपर कारों और सुपर बाइकों की विशेष प्रदर्शनी ऑटोमोबाइल उत्साही लोगों के लिए एक अद्वितीय आकर्षण का केंद्र थी।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने सीएम बनते ही नवाचार पर जोर देते हुए एमपी के लिए आर्थिक प्रगति के द्वार खोलने शुरू किए तो राज्य 30 से अधिक मूल उपकरण निर्माताओं और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी पर जोर देने के साथ-साथ टिकाऊ और नवाचार वाले भविष्य की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। इसके पहले मध्यप्रदेश, वाणिज्यिक वाहनों और कृषि उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में एक शीर्ष राज्य बन चुका है इसलिए प्रदेश की औद्योगिक सहायक नीतियों और अपने मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचे ने ऑटोमोटिव उद्योग के कई दिग्गजों को आकर्षित किया है।
राज्य सरकार की औद्योगिक सहायक नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण मध्यप्रदेश अब ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनता जा रहा है. यहां 30 से अधिक मूल उपकरण निर्माता और 200 से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माता कार्यरत हैं. प्रदेश वाणिज्यिक वाहनों और कृषि उपकरणों के निर्माण में भी शीर्ष राज्यों में शामिल है.
ऑटो इंडस्ट्रीज में मोहन सरकार के नवाचार से मिले भविष्य के परिणामों पर आएं तो भाजपा सरकार की नई विकासात्मक योजनाओं के फलस्वरूप राज्य अपनी अगली पीढ़ी की मोबिलिटी के लिए भी तैयार हो रहा है। कई कंपनियां अपनी ईवी सुविधाओं की स्थापना में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर यह परिवर्तन मध्यप्रदेश की पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की नीति को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
एमपी मोबिलिटी एक्सपो में हाई-परफॉर्मेंस सुपर कारों और सुपर बाइकों की विशेष प्रदर्शनी देखने को मिली, जो ऑटोमोबाइल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही. इसके अलावा, बी2बी नेटवर्किंग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए यह एक्सपो एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ. एक्सपो में ब्रिजस्टोन, झेड एफ स्टीयरिंग, बाडवे इंजीनियरिंग, मदरसन सुश्री गेबियल, आनंद इंडस्ट्रीज, टैफे मोटर्स, वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड जैसी दिग्गज कंपनियों ने भाग लिया.
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की ऑटो इंडस्ट्री के प्रोत्साहन हेतु शुरू किए गए इस एक्स्पों में केंद्र सरकार की सख्त नीति के अनुरूप जनहित में कुछ ऐसे निर्णय भी लेना पढ़ सकते हैं कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में इंदौर से लेकर अन्य प्रमुख शहरों में ही स्कूटरों की बिक्री निर्माण को रोका जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने पूरे देश में जानलेवा साबित हो रहे स्कूटरों के बारे में अत्यंत सख्त निर्णय लिए हैं। इससे पहले सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी ने कई सारे ट्वीट करके कंपनियों को सख्त हिदायत दी थी कि सभी डिफेक्टिव गाड़ियों को वापस किया जाए और उनकी जांच की जाए साथ ही जानकारी दी थी कि सरकार ने इन घटनाओं की जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। कमेटी से इन घटनाओं पर रोक लगाने के उपाय के लिए भी कहा गया है।
उधर, कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों के लिए अनिवार्य आदेश जारी करेगी। बहुत जल्द इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए क्वालिटी पर केंद्रित दिशा निर्देश जारी होंगे और अगर क्वालिटी के मामले में किसी भी कंपनी की लापरवाही सामने आती है तो उसे भारी जुर्माना लगाया जाएगा। स्कूटर बनाने के क्षेत्र में अनेक लोकल कंपनियां भी प्रवेश कर चुकी है। लोगों के लिए जानलेवा साबित होने वाले ऐसे स्कूटरों का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका है, अब सभी पर सख्ती करनी होगी। हर एक ने अपने मनमाने रेट भी तय कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पेट्रोल के भारी आयात खर्च से बचाव हेतु सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ही वाहनों के निर्माण को प्रोत्साहित तो किया लेकिन इस क्षेत्र में स्कूटर सेगमेंट में अनेक ऐसी कंपनियां भी आ गई जिन्होंने सुरक्षा मापदंडों को पूरा नहीं किय। गडकरी इसके पहले अनेक कंपनियों से उनके स्कूटर रिकॉल करने का भी अनुरोध कर चुके हैं।
खैर प्रमुख प्रतिभागी के रूप में जिस तरह कंपनियां एमपी एक्सपो में शामिल हुईं, उससे ऑटोमोबाइल कंपनियों में ब्रिजस्टोन, झेड एफ स्टीयरिंग, बाडवे इंजीनियरिंग मदरसन सुश्री गेबियल, पिस्टल देवास, आनंद इंडस्ट्रीज, झालानी इंजीनियर्स, एसडी एक्सेल प्रा. लिमिटेड, जगतजीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड, वी.ई. कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और पिनेकल इंडस्ट्रीज शामिल थी। इन प्रमुख प्रतिभागियों द्वारा अपने उद्योग-अग्रणी नवाचारों और विशेषज्ञता को कार्यक्रम में लाने की उम्मीद है। निश्चित ही यह ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रदर्शनी सिद्ध होगी।
समिट के दौरान ऑटो एक्सपो का अवलोकन कर प्रदेश में ऑटोमोबाइल और ई-मोबिलिटी के बढ़ते अवसरों को देखकर अत्यंत हर्ष और संतोष की अनुभूति हुई। ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन के निर्माण और खपत में वह देश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं
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