छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, छत्तीसगढ़ में स्थापित करेंगे अपनी पार्टी की ईकाई

बिगुल
रायपुर. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव किया और कहा कि निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया से जुड़े सभी मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया है, लेकिन अगर लोगों के मन में कोई संदेह है तो आयोग को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख पासवान ने यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र व निष्पक्ष निर्वाचन आयोग तथा उसके कामकाज में जनता का अटूट विश्वास जरूरी है।
पासवान ने कथित चुनावी अनियमितताओं के कारण लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग करने की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मांग पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने सवाल किया कि क्या खरगे कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल में हुए चुनावों को भी रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्या खरगे की मांग में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा तथा कांग्रेस के 100 अन्य लोकसभा सांसदों के चुनाव रद्द करना भी शामिल है?
पासवान ने कहा कि विपक्षी दल अक्सर विवादित मुद्दे उठाते हैं और फिर बीच में ही उन्हें छोड़ देते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग पर विपक्ष के लगातार हमलों से मतदाताओं के मन में बेवजह संदेह पैदा हो सकता है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने कहा, “मेरी चिंता हमारे देश के नागरिकों को लेकर है। अगर विपक्ष इस तरह के बयान दे रहा है और किसी एक नागरिक के मन में भी संदेह या भ्रम पैदा होता है, तो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया से जनता का विश्वास कम होना निश्चित रूप से लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं है। अगर लोगों के मन में कोई संदेह है, तो उसे स्पष्ट करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है, क्योंकि यह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।”
पासवान एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर आए थे।



